सोशल मीडिया: 21वीं सदी में क्रांति।(Social Media :The Revolution in 21st Century.)

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‘सामाजिक मीडिया’ (social media) आज के इंटरनेट का एक अभिन्न अंग है जो दुनिया में एक अरब से अधिक लोगों द्वारा उपयोग किया जाता है। यह एक ऐसा ऑनलाइन मंच है जहाँ सामाजिक मीडिया उपयोग करने वाले लोग अपनी पहुँच और पहचान को समाज में विस्तार करतें हैं और उनके द्वारा बनाये गए अपने प्रोफाइल (निजी सूचनाएं प्रदान करना) को सामाजिक मीडिया (फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सप्प, इंस्टाग्राम) पर प्रसारित करतें हैं, जिससे वह समाज के लोगों के साथ और विस्तार से जुड़ सकें और उनसे बात कर सकें।

भारतीय पुलिस और प्रशासन। (Indian Police and Administration in Hindi.)

indian police and administration

मैं आज आपसे बात करने जा रहाँ हूँ हमारे प्रशासन प्रणाली को संभालने वाले उन सेवकों को के बारे में जो हमारे समाज और देश के आंतरिक मामलों को बनाये रखना ही अपना कर्तव्य समझतें हैं और अपना फर्ज भी जिसके लिए उन्हें नियुक्त किया जाता है, जी हाँ मैं बात कर रहा हूँ “पुलिस और प्रशासन(Police and Administration)” के बारे में जो अपने सेवा भाव के लिए जानी जाती है।

भारत में महिला सशक्तिकरण। (Women Empowerment in India.)

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अगर इस सृस्टि पर महिलायें न होती तो क्या होता, कैसे ये सृस्टि आगे बढ़ती और कैसे कोई ज़िन्दगी जन्म लेती, वैसे तो ये सब एक काल्पनिक बातें हैं क्यूंकि एक महिला के बिना संसार का आगे बढ़ना असंभव है। ईश्वर ने सृस्टि को आगे बढ़ाने के लिए महिला और पुरुष इन दो लोगों को भेजा है और दोनों के द्वारा समाज में अहम् भूमिका भी निभाई जाती है, ईश्वर ने दोनों में कोई अंतर नहीं किया है, तो फिर हमारी क्या औकात हम क्यों भेद-भाव करतें हैं

भारत में भ्रस्टाचार। (Corruption in India.)

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भ्र्स्ट मतलब ‘ख़राब या गंदा’ और आचार मतलब ‘विचार या व्यवहार’, इसका मतलब जिस व्यक्ति के विचार अपने समाज के प्रति ख़राब हो जाएँ, भ्र्स्टाचार एक ऐसा दीमक है, जो पुरे विश्व में फैला हुआ है। भ्र्स्टाचार किसी व्यक्ति विशेष या फिर कोई निजी अथवा सरकारी संगठन द्वारा किया गया अनैतिक और अनुचित व्यवहार होता है जो की आपराधिक श्रेणी में आता है। ये भ्र्स्टाचार वो शक्ति प्राप्त अधिकारी अथवा संगठन अपना अवैध लाभ करने के लिए उस शक्ति का दुरूपयोग करता है।

कोरोनावायरस:- एक महामारी। (Coronavirus:- The Pandemic.)

coronavirus in city

कोरोनावायरस विषाणुओ (वायरस) का समूह है, जिसे अपनी संख्या को आगे बढ़ाने के लिए जीवित शरीर की कोशिकाओं का सहारा लेना पड़ता है यह एक जूनोटिक बीमारी है जो जानवरों से इंसानों में फैलता है और फिर इंसानों से इंसानों में संक्रमित होता जाता है जो कि इंसानों में सामान्य जुकाम से लेकर स्वास तंत्र की गंभीर समस्या पैदा कर सकता है, कोरोनावायरस आमतौर पर हमारे अंदर फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है जिससे व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत होती है, और यह हमारे इम्यून सिस्टम को भी नुकसान पहुंचाती है जिसके कारण इंसान की मौत भी हो सकती है। कोरोनावायरस के वायरस का नाम ‘सीवियर एक्यूट रेस्पिरेट्री सिंड्रोम’ है जिसे हम (सार्स कोव-2)  कहते हैं और ‘विश्व स्वास्थ्य संगठन’ के द्वारा इस बीमारी का नाम “कोविड-19” (कोरोनावायरस डिजीज 2019) रखा गया है।

जीवन में धैर्य का महत्व। (Importance of Patience in Life.)

race between turtle and rabbit

दोस्तों आज के इस दुनिया में इंसान इतने व्यस्त हो गए हैं कि वह हमेशा चाहते हैं कि कोई भी काम कैसा भी काम बस जल्दी से हो जाए या उसे वह चीज जल्दी से मिल जाए जो वह चाहता है, मैं जानता हूं दोस्तों कुछ चीजें ऐसी होती है जो हमें जल्दी चाहिए होती है लेकिन मैं हमेशा से यह देखता हूं कि इंसान को हर चीज फिर वह कुछ भी क्यों ना हो बस जल्दी ही चाहिए होती है। हमारे समाज में इंसानों के पास से “धैर्य (Patience)” बिल्कुल खत्म हो गयी है।

प्रकृति का महत्व। (Importance of Nature.)

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दोस्तों क्या आपको पता है की इस दुनिया में जब हम जन्म लेतें हैं, ठीक जन्म लेने के बाद ही कोई हमारा सच्चा साथी बन जाता है और मजे की बात तो ये है की वो हमारा साथ हमारे शरीर के अंत होने के बाद भी नहीं छोड़ता है, जी हाँ दोस्तों मैं यहाँ बात कर रहा हूँ हमारे ईश्वर-अल्लाह द्वारा बनाये इस सुन्दर “प्रकृति की जो मनुष्य का एक रहस्यमयी साथी है (Nature: A Mysterious Friend of Human)” और “प्रकृति का महत्व (Importance of Nature.)” मनुष्य के जीवन में सर्वोच्च है।

भारतीय किसान: हमारे अन्नदेवता। (Indian Farmers: The Feeding God.)

farmers performing their farming activity

दोस्तों मैं, आप और हमसब या ये पूरी दुनिया को खिलाने वाले जितने भी ‘भारतीय किसान(Indian Farmers)’ भाई-बहने हैं, वो हमारे अन्नदेवता हैं जिनके कारण ही हमसब अन्न अपने शरीर में ग्रहण कर पातें हैं, तो आपके मन में ऐसा सवाल उठ भी सकता है की अन्न तो हम खरीद कर लातें हैं, तो दोस्तों किसान अन्न उत्पन्न करतें हैं तभी तो हमारे द्वारा उसे ख़रीद कर लाया जाता है न और सभी किसान बन नहीं सकतें न ही हम ऐसा सोचतें हैं की बड़े होकर किसान बनेंगे।

समय का महत्व। (Importance of Time.)

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दोस्तों अगर हम सब अपने जीवन में समय को अहमियत देने लगे तो फिर वो समय को दी हुई अहमियत, एक दिन समय हमे अहमियत के काबिल बना देगा। अगर आप चाहें तो वास्तव में ये करके देख सकते हैं, आप कुछ समय लिए अपना कोई भी छोटा सा लक्ष्य बनाईए और उस लक्ष्य को पूरा करने के लिए आप कुछ तो करेंगे ही और अपने नियमित समय से प्रतिदिन उस काम को कीजिये तो वो लक्ष्य अवस्य ही आपको प्राप्त हो जायेगा और अगर आप एक दिन भी उस काम को नहीं कर पाएं जो आप प्रतिदिन कर रहें थे,तो अपना लक्ष्य आपको निर्धारित समय से प्राप्त नहीं होगा।

भारत में स्वास्थ्य और शिक्षा। (Health and Education in India.)

health and education

दोस्तों अगर मै आपसे कहता हूँ की सिर्फ कुछ पल के लिए सोचो की किसी व्यक्ति के पास “स्वास्थय और शिक्षा (Health and Education)” ये दो चीज उसके जीवन में न हो तो कैसा होगा उसका जीवन, और आज के दौर में तो इनकी अहमियता मानो जैसे अतुलनीय है, जैसा की दोस्तों मुझे बताने की जरुरत नहीं है ये महामारी हमे हमारी स्वास्थय और स्वास्थय व्यवस्था दोनों से परिचित करवा रहा है।