भारत में भुखमरी। (Starvation in India in Hindi.)

starvation and hunger in india

“भारत में भुखमरी (Starvation in India)” हमारे समाज का एक ऐसा छिपा हुआ सच है, जिसे हम देख नहीं पातें हैं और ना ही लोगों को इसके बारे में बताया जाता है। भुखमरी (Starvation) हमारे देश में सरकार के सामने एक बहुत बड़ी चुनौती है और यह सिर्फ हमारे लिए चिंता का विषय नहीं है बल्कि अनेकों ऐसे अफ्रीकी महाद्वीप देश भी हैं, जो भुखमरी (Starvation) का सामना बहुत बड़े स्तर पर कर रहें हैं, यहां तक की कई अफ्रीकी देशों में हालात इतने ख़राब हैं की लोगों को मिट्टी की रोटियाँ धुप में शेककर खानी पड़ती है।

भारत में जातिवाद। (Casteism in India.)

how casteism prevail in india

“भारत में जातिवाद (Casteism in India)” एक ऐसा सामाजिक बुराई है, जो की हज़ारों वर्षों पहले से चलती आ रही है लेकिन इस बुराई को आज भी समाज में पूरी तरह से खत्म नहीं किय जा सका है, जिसके पीछे का कारण है प्राचीन रूढ़िवादी सोच और यह सोच आज भी हमारे समाज को कहीं-न-कहीं आगे बढ़ने से रोकता है, आज भी कुछ ऐसे लोग हैं समाज में जो की यह समझतें ही नहीं हैं की ईश्वर ने हम सबको एक जैसा शरीर प्रदान किया है, हम सब इंसान इस दुनिया में एक प्रकार से जन्म लेते हैं और एक प्रकार से मरते भी हैं लेकिन सब कुछ एक जैसा होने के बावजूद हमे समाज के द्वारा इतनी जातियों में बाट दिया गया है की हम यह भूलने लगतें हैं की हम सब एक ही हैं।

भारत में आतंकवाद। (Terrorism in India.)

terrorism in india

आतंकवाद (Terrorism) पूरी दुनिया में एक ऐसा खतरनाक चेहरा है जिसका काम केवल समाज में अस्थिरता को बढ़ावा देना और बर्बादी करना है, जिससे आम जनता और मासूम लोगों के बिच डर पैदा हो और जब किसी व्यक्ति या संगठन की धारणा समाज में हिंसानात्मक गतिविधि कर किसी देश की सम्प्रभुता, सुरक्षा और वहाँ के आम लोगों को नुक्सान पहुंचने के अपने लक्ष्य को पूरा करने के कार्यवाही को आतंकवाद कहतें हैं।

भारत में प्रेस की स्वतंत्रता। (Freedom of Press in India.)

freedom of press

एक लोकतान्त्रिक देश में प्रेस की स्वतंत्रता का बहुत अधिक महत्त्व होता है क्यूंकि प्रेस किसी भी देश को पूर्ण रूप से लोकतंत्र बनाने के लिए रीढ़ की हड्डी का काम करती है इसलिए, “भारत में प्रेस की स्वतंत्रता (Freedom of Press in India)” को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ भी कहा जाता है, जिसके कारण लोगों को अपने देश की पल-पल की खबर होती है, लोगों में जागरूकता पैदा होती है लोग अपने हक़ के बारे जान पातें हैं, समाज में हो रहें अच्छाइ और बुराई को समझ पाते हैं और प्रेस लोगों की चौमुखी विकास करने में बहुत बड़ा योगदान देता है।

भारत में बेरोजगारी।(Unemployment in India.)

unemployment in india

“भारत में बेरोजगारी (Unemployment in India)” आज के युवाओं के सामने एक बहुत बड़ी समस्या बनते जा रही है क्यूंकि भारतीय युवा दिन-रात मेहनत करतें हैं ताकि उन्हें अपने देश में काबिलियत और शिक्षा के आधार पर एक अच्छा रोजगार मिल सकें लेकिन ऐसा नहीं देखने को मिलता है जिससे आज भारत में ऐसे करोड़ों युवाएँ और युवतियाँ हैं जिनके पास कोई रोजगार नहीं है।

भारत में सड़क दुर्घटना। (Road Accidents in India in Hindi.)

road accidents in india

‘विश्व सड़क सांख्यिकी 2018’ के रिपोर्ट के अनुसार भारत पूरी दुनिया में सड़क दुर्घटना से होने वाली मौतों की संख्या में पहले स्थान पर है और ‘विश्व बैंक’ के रिपोर्ट के अनुसार भारत सड़क दुर्घटनाओं के मामले में भी सबसे ऊपर है और भारत के पास विश्व की केवल 1 प्रतिसत वाहन हैं लेकिन सड़क दुर्घटना में भारत में पुरे विश्व की 11 प्रतिसत मौतें होती हैं, जो की सभी देशों से अधिक है।

भारत में लोकतंत्र। (Democracy in India.)

importance of democracy in India

“भारत में लोकतंत्र (Democracy in India)” पूरी दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जहाँ लोकतंत्र की ऐसी खुशबु है, ऐसी मिठास है, ऐसा रंग है, ऐसी आज़ादी है, ऐसा अपनापन है, जिसका आनंद दुनिया का हर व्यक्ति एक बार लेना चाहता है और लोकतांत्रिक देशों के मामले में भारत के लिए यह मिसाल दी जाती है की “भारतीय लोकतंत्र सभी देशों की जननी है और सभी लोकतांत्रिक देश उसके बच्चे हैं”।
भारतीय लोकतंत्र एक ऐसा लोकतांत्रिक देश है, जहाँ विविधता में भी एकता है, जहाँ संविधान एक सर्वोच्च भूमिका निभाता है-जिसे दुनिया के किसी भी व्यक्ति को समझने के लिए हमारे भारत का प्रस्तावना ही काफी है, जहाँ विभिन्न प्रकार के धर्म और विभिन्न संस्कृतियां वास करती हैं, जहाँ नागरिकों के साथ-साथ पर्यटकों को भी स्वतंत्रता दी गयी है और उनके मूल अधिकारों की भी रक्षा की जाती है।

भारत में जीवनशैली रोग। (Lifestyle Diseases in India.)

lifestle diseases in india

आज के समय समाज में लोगों की ज़िन्दगी इतनी व्यस्त हो गयी है की उनके पास खुद के लिए भी समय नहीं है, जिसके कारण समाज में ख़ास कर किशोरों और नवजवानों में ‘जीवनशैली रोग (Lifestyle Diseases)’ आमतौर पर देखने को मिलती है। “भारत में जीवनशैली रोग (Lifestyle Diseases in India)” इस तरह से प्रचलित हो चूका है की इंसान भी इसे अपनी ज़िन्दगी का हिस्सा समझने लगा है।

भारत में आरक्षण।(Reservation in India.)

reservation in india

राधे-राधे, आदाब, सत्यश्रीअकाल, हैलो मेरे प्यारे दोस्तों, आज हम सब अपने देश के आज़ादी की 75वीं वर्षगाँठ मनाने जा रहें हैं, जिस स्वर्णिम अवसर को पूरा देश ‘आज़ादी का अमृत महोत्सव’ के रूप में मना रहा है लेकिन आज़ादी के 75 साल के बाद भी हम अपने देश में पिछड़े वर्ग और दलित समाज को समान अवसर नहीं प्रदान कर पाएं हैं, जिसके कारण आज भी हमे पिछड़े वर्ग और दलित समाज को बराबरी का हक़ प्रदान करने के लिए “भारत में आरक्षण (Reservation in India)” जैसी बैसाखी का उपयोग करतें हैं।

अल्पसंख्यकों पर अत्याचार :- विश्व परिदृश्य।(Attrocities on Minorities :-World Sceneario.)

attrocities on minorities in world

“अल्पसंख्यकों पर अत्याचार :विश्व परिदृश्य(Attrocities on Minorities: World Sceneario)” के बारे में बताना चाहूँगा, हमे अपने समाज में, देश में और पुरे विश्व में सभी जगह अल्पसंख्यक देखने को मिलते हैं और आज के समय कोई समाज या कोई देश नहीं है, जहाँ ‘अल्पसंख्यकों पर अत्याचार’ नहीं होता हो, अधिकतर देशों में अल्पसंख्यक समुदाय को दूसरे समुदायों द्वारा प्रताड़ित किया जाता है।