राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस। (National Consumer Day in Hindi.)

rashtriya upbhoktaa diwas

उपभोक्ता जो की किसी भी अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी होतें, जिनके व्यय पर उस देश की आर्थिक स्तिथि तय होती है। उपभोक्ताओं के महत्व को उजागर करने और उनके अधिकारों एवं जिम्मेदारियों के बारे में जागरूकता फ़ैलाने के लिए भारत में प्रति वर्ष 24 दिसंबर को “राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस (National Consumer Day)” मनाया जाता है। हमारे देश में बहुत से नागरिक ऐसे हैं, जो स्वयं उपभोक्ता के अधिकारों से अनभिज्ञ है और जो सेवा खरीदने के बाद अगर उसमे किसी भी प्रकार की त्रुटि पाई जाती है तो उन्हें उसकी शिकायत कहाँ करनी है यह मालुम नहीं होता है।

राष्ट्रीय किसान दिवस। (National Farmer’s Day in Hindi.)

rashtriya kisaan diwas

किसान हमारे अन्नदाता हैं, जो चौबीस घण्टे संघर्ष करके हमे भोजन उपलब्ध करवाते हैं और साथ ही देश की अर्थव्यवस्था के संचालन में अपना महत्वपूर्ण योगदान देतें है। उन्ही किसानों की दुर्दशा भारत में दयनीय हो गयी है, इसलिए भारत के प्रत्येक किसानों के सम्मान में और उनकी स्तिथि में सुधार कर उनके प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करने के लिए प्रति वर्ष भारत, देश के पांचवें पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जी की जयंती पर 23 दिसंबर को “राष्ट्रीय किसान दिवस (National Farmer’s day)” मनाता है और किसानों के प्रति किये गए उनके कार्यों को, उन्हें सशक्त बनाने के उद्देश्य से कई कल्याणकारी कार्यक्रम विकसित किए गए साथ ही किसानों के उत्थान के लिए इनके संघर्षों को याद किया जाता है।

राष्ट्रीय गणित दिवस। (National Mathematics day in Hindi.)

rashtriya ganit diwas

गणित को हमारे रोजमर्रा के जीवन का बहुत ही आवश्यक हिस्सा माना जाता है जिसे महान गणितज्ञों ने भी स्वीकार किया है क्योंकि यह हमारे आस-पास की दुनिया को समझने के लिए एक प्रमुख भूमिका है और एक शक्तिशाली उपकरण भी। इसलिए, लोगों को गणित के महत्व के बारे में शिक्षित करने के लिए और दुनिया को कई प्रमेय और सूत्र देने वाले महान गणितज्ञ ‘सर श्रीनिवास रामानुजन’ की जयंती मनाने के लिए, भारत प्रति वर्ष 22 दिसंबर को “राष्ट्रीय गणित दिवस (National Mathematics Day)” ​​के रूप में मनाता है।

अंतर्राष्ट्रीय मानव एकजुटता दिवस। (International Human Solidarity Day in hindi.)

antarashtriya maanav ekjuttaa diwas

मानव सभ्यता के शुरुवात से ही हमे भाईचारे और विविधता में एकता का पाठ पढ़ाया जाता था। इसी विविधता में एकता अथवा मानव एकजुटता को समाज में बनाए रखने के लिए और इसके सम्मान में लोगों के मध्य जागरूकता बढ़ाने और गरीबी उन्मूलन के लिए प्रति वर्ष 20 दिसंबर को “अंतराष्ट्रीय मानव एकजुटता दिवस (International Human Solidarity Day)” के रूप में मनाया जाता है। एकजुटता लोगों के बिच भाईचारा और प्रेम को बढ़ाता है साथ ही इसकी उपस्तिथि तब मालुम चलती है जब लोग एकदूसरे का सम्मान करने, जरूरतों और परिस्तिथियों को समझने लगतें हैं।

अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी दिवस। (International Migrants Day in Hindi.)

antarashtriya pravasi diwas

प्रवास मानव सभ्यता का अभिन्न अंग रहा है, जो की अनेक कारकों के द्वारा संचालित किया जाता है, जैसे; आर्थिक कारक, राजनितिक कारक, शिक्षा, गृह युद्ध और जलवायु परिवर्तन। इन कारकों को पूर्ण रूप से ध्यान में रखकर प्रवासियों के मध्य आने वाले संकट और चुनौतियों के बारे में जागरूकता फैलाना अथवा प्रवासन और वैश्विक विकास के बिच अंतर्संबंध को उजागर कर सभी प्रवासियों के अधिकारों को बनाये रखने के लिए प्रति वर्ष 18 दिसंबर को “अंतराष्ट्रीय प्रवासी दिवस (International Migrants Day)” के रूप में मनाया जाता है।

विजय दिवस। (Vijay Diwas in Hindi.)

vijay diwas

‘विजय’ मतलब जित, एक ऐसी ऐतिहासिक जित जिसे पूरा भारतवर्ष के साथ बांग्लादेश भी प्रति वर्ष मनाता है। 1971 में पकिस्तान के खिलाफ निर्णायक जित का जश्न मनाने और पूर्वी पाकिस्तान का बांग्लादेश के रूप में गठन के लिए प्रति वर्ष 16 दिसंबर को “विजय दिवस (Vijay Diwas)” के रूप में मनाया जाता है। इस ऐतिहासिक दिवस को जश्न के तौर पर मनाने और युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करने के उदेश्य से यह दिवस मनाया जाता है।

राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस। (National Energy Conservation Day in Hindi.)

rashytriya urja sanrakshan diwas

ऊर्जा पृथ्वी पर सभी मनुष्यों की मूलभूत आवश्यकता है, ऊर्जा के बिना अर्थव्यवस्था अटक जाती है, काम रुक जाते हैं और कुल मिलाकर परिणाम शून्य हो जाता है। इसलिए, जीवन के लिए जितना महत्व भोजन का है उतना ही महत्वपूर्ण ऊर्जा की खपत और उसे अधिक कुशल बनाना भी है, जिसके लिए प्रति वर्ष भारत के द्वारा 14 दिसंबर को “राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस (National Energy Conservation Day)” के रूप में मनाया जाता है।

सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज दिवस। (Universal Health Coverage Day in Hindi.)

saarvabhaumik swasthya coverage diwas

बेहतर स्वास्थ्य अच्छा जीवन हर कोई चाहता है लेकिन आज के इस दौर में स्वास्थ्य सम्बंधित बीमारियां आम बात हो गयी है और सबसे बड़ी समस्या है वित्तीय संसाधनों की कमी और अच्छी स्वास्थ्य जाँच प्राप्त करने के लिए सबके पास अतिरिक्त पैसे नहीं होतें हैं ख़ास तौर पर निम्न वर्ग के परिवार और गरीब लोगों के पास। इन मुद्दों को सम्बोधित करने के लिए प्रति वर्ष संयुक्त राष्ट्र के द्वारा 12 दिसंबर को “सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज दिवस (Universal Health Coverage Day)” के रूप में मनाया जाता है।

यूनिसेफ दिवस। (UNICEF Day in Hindi.)

UNICEF diwas

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद कई बच्चे आश्रयहीन और अनाथ थे। इसलिए, बच्चों की देखभाल के लिए संयुक्त राष्ट्र ने बच्चों के लिए एक आपातकालीन कोष बनाया जो उन्हें अच्छा स्वास्थ्य, अध्ययन, दवाएँ प्रदान करता है और उनके कल्याण के लिए प्रयास करता है और साथ ही यह दुनिया भर के बच्चों को कठिन परिस्तिथियों में मानवीय सहायता प्रदान कर उनके भविष्य को बेहतर बनाने की कोशिश करता है। आज भी दुनिया भर में कई ऐसे अल्प-विकसित देश हैं, जहाँ युद्ध की स्तिथि बनी हुई है अथवा ग्रह युद्ध का माहौल बना हुआ है, ऐसी स्तिथि में बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ जाता है। तो इन परिस्तिथियों से बच्चों को बाहर निकलने और उनके बेहतर भविष्य के लिए जागरूकता फ़ैलाने और धन जुटाने के उदेश्य से प्रति वर्ष 11 दिसंबर को “संयुक्त राष्ट्र बाल कोष दिवस (UNICEF Diwas)” के रूप में मनाया जाता है।

अंतराष्ट्रीय पर्वत दिवस। (International Mountain Day in Hindi.)

antarashtriya parvat diwas

पर्वत, इस पृथ्वी के पारिस्थितिक तंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा, जो की प्रकृति का वह हिस्सा है जो इंसानों और जानवरों को जीवनदायी चीजें मुहैया कराता है, साथ ही नदियों का उद्गम, लकड़ी का स्रोत, खानाबदोशों को आश्रय और भोजन का माध्यम भी प्रदान करता है। लेकिन, बीतें कुछ वर्षों में जलवायु परिवर्तन, अत्यधिक दोहन और मानव गतिविधियों के कारण पर्वतों की आपूर्ति शक्ति दिन-ब-दिन कम होती जा रही है और उनपर खतरे बढ़ते जा रहें हैं। इसलिए, पर्वतों की दोहन प्रक्रिया और उनकी सुरक्षा के प्रति जागरूकता फ़ैलाने के लिए प्रति वर्ष 11 दिसंबर को “अंतराष्ट्रीय पर्वत दिवस (International Mountain Day)” के रूप में मनाया जाता है।